सूबे आळा रात नै सपने मै एक छोरी की लेण लाग रह्या था अर वा नाटे थी।
वा कहवे थी अक मूठी मार दयुंगी
सूबे आळा कहवे था अक ना मैं तो मारूँगा तेरी
वा बोली अक ना मूठी मार दयुंगी
इतने मै सूबे आळा की आँख खुलगी
मरामटा उलटी ए आँख मीचक़ै बोल्या
आछ्या मूठी ए मारदे ✌✌